MANGLAGAURI VRT PUJA : सावन के प्रथम मंगलवार को करे राशि अनुसार माँ मंगलागौरी की पूजा, मिलेगा विवाह का पूर्ण सुख
By Pandit Mukesh Shastri on 4 August 2026

दोस्तों , क्या आपके विवाह में देरी हो रही है ? क्या आपका विवाहिक जीवन टूटने के कगार पर खड़ा है ? यदि हाँ तो आप परेशान मत होइए क्यूंकि आज मै आपको बता रहा हूँ आज सावन मास के प्रथम मंगलवार को किये जाने वाले अपनी राशि अनुसार माँ मंगला गौरी की पूजा अर्चना,मन्त्र के जाप के बारे , जिसको करके हमारे अविवाहित दर्शक मनचाहे सुयोग्य जीवन साथ को प्राप्त कर सकते है और साथ ही साथ हमारी विवाहित दर्शक अपने दरकते टूटते सिसकते हुए विवाहिक रिश्तो को बचा सकते है तो जल्दी कागज कलम लेकर बैठ जाइये और नोट करते जाये ,शुरआत करते है मेष राशि से -
मेष राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक अनार के रस से करे
लाल रंग की चुनरी ,लाल बिंदिया ,लाल फूल ,गुड़ का प्रसाद अर्पण करे
ॐ शिवप्रियायै नम: मंत्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
वृष राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक दही से करे ।
ऑफ वाइट चुनरी , मोगरे के पुष्प का गजरा ,चांदी की बिछिया ,श्रीखंड का भोग अर्पण करे |
ॐ महालक्ष्म्यै नम: मंत्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
मिथुन राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक गन्ने के रस से करे |
हरी चुनरी ,गुलाब के पुष्पों की माला ,पिस्ते की मिठाई का भोग माता रानी को अर्पण करे |
ॐ विष्णुमायायै नम: मंत्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
कर्क राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक कच्चे दूध से करे
सफ़ेद प्रिंटेड चुनरी ,मोगरे के पुष्पों की माला ,श्रृंगार सामग्री ,मावे की बर्फी का भोग अर्पण करे |
ॐ सिद्धसरस्वत्यै नम: मन्त्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
सिंह राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक गुलाब जल मधु से करे |
सुनहरी चुनरी ,कमल का पुष्प , लाल चन्दन ,मीठे पुए का भोग अर्पण करे |
ॐ सर्वमंंगलायै नम: मन्त्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
कन्या राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक आंवले के रस से करे |
हरी ओढ़नी ,शमी पत्र ,श्रृंगार सामग्री ,रसगुल्ला का भोग माँ को अर्पण करे।
ॐ हरिप्रियायै नम: मन्त्र का जाप करें।
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
तुला राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक छाछ से करे
ऑफ वाइट चुनरी ,श्रृंगार समाग्री ,मोगरे के पुष्पों से बना गजरा, मिश्रीमावा का भोग अर्पण करे
ॐ सुरवन्दितायै नम: मंत्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
वृश्चिक राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक अनार के रस से करे |
लाल फूल, लाल चन्दन ,लाल चूनरी ,गुड़ से बनी मिठाई का भोग माँ को अर्पण करे |
ॐ प्रसिद्धायै नम: मंत्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
धनु राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक आम के रस से करे
पीले पुष्प ,पीली बिंदिया,पीली चुनरी ,केसर की बर्फी का भोग अर्पण करे |
ॐ पद्मलोचनायै नम: मन्त्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
मकर राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक सुगन्धित इत्र मिश्रित जल से करे |
पिंक चुनरी ,गुलाब का पुष्प,श्रृंगार सामग्री ,रबड़ी का भोग अर्पण करे |
ॐ श्रियै नमः मंत्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
कुम्भ राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक केवड़ा जल से करे |
लाल चुनरी ,गुलाब की माला, श्रृंगार सामग्री ,काले गुलाब जामुन का भोग अर्पण करे |
ॐ दुर्लभायै नम: मन्त्र का जाप करे |
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
मीन राशि
आज माँ गौरी का अभिषेक केशर मिश्रित दूध से करे |
पीले पुष्प ,पीला चन्दन ,पीली ओढ़नी ,मीठे पीले चावल का भोग अर्पण करे |
ॐ गौर्यै नमः मंत्र का जाप करे।
सुयोग्य जीवन साथी और पूर्ण दाम्पत्य सुख प्राप्त होगा|
आज का गुडलक टिप्स -
आज मंगला गौरी व्रत किया जायेगा |सौभाग्य से जुडे होने के कारण इस व्रत को अविवाहित कन्याये ,विवाहित और नवविवाहित महिलाएं करती है| इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।सुयोग्य और मनवांछित वर प्राप्त करने के लिए , विवाहित महिलाओं के द्वारा अपने पति व संतान के लम्बें व सुखी जीवन की कामना के लिये यह व्रत विशेष रुप से करना चाहिए.धर्म शास्त्रों के अनुसार विवाह के पांच वर्ष तक प्रत्येक श्रावण मास में यह व्रत करना चाहिए।
आइये जान लेते है इस व्रत की विधि -
मंगलवार को प्रातः सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर लाल वस्त्र धारण करके अपने पूजा स्थल पर उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बैठ जाये । आचमन और प्राणायाम करे । अब अपने सामने एक चौकी की स्थापना करे । उस चौकी पर एक सफेद और लाल कपडा बिछाये |सफेद कपडे पर चावल से नौ ग्रह बनाये , तथा लाल कपडे पर षोडश मातृका गेंहूं से बनाये |चौकी के एक तरफ चावल और फूल रखकर गणेश जी की स्थापना की जाती है|दूसरी और गेंहूं रख कर कलश स्थापित करे |कलश में जल भर कर रखे |इसके बाद मां मंगला गौरीकी ,माँ पार्वतीजी का मनमोहक चित्र या प्रतिमा चौकी स्थापित करे । चित्र के सामने आटे से बना एक घी का दीपक जलाएं, जिसमें सोलह बत्तियां हों।आटे से चौमुखी दीपक बनाकर कपडे से बनी 16-16 तार कि चार बतियां जलाये |अब पहले आप माँ मंगला गौरी की पूजा का संकल्प लें और बोले की मैं पुत्र, पौत्र, सौभाग्य वृद्धि एवं श्री मंगला गौरी की कृपा प्राप्ति के लिए मंगला गौरी व्रत करने का संकल्प लेती हूं। संकल्प के पश्चात सबसे पहले श्री गणेश जी का पंचोपचार पूजन करे |श्री गणेश जी पर जल, रोली, मौली, चन्दन, सिन्दूर, सुपारी, लोंग, पान,चावल, फूल, इलायची, बेलपत्र, फल, मेवा और दक्षिणा चढ़ाये |इसके पश्चात कलश का पूजन भी श्री गणेश जी की पूजा के समान ही करे |फिर नौ ग्रहों तथा सोलह माताओं की पूजा करे . अब माँ मंगला गौरी की विधि विधान से पूजा करे । माँ की प्रतिमा को जल, दूध, दही से स्नान करा, वस्त्र आदि पहनाकर रोली, चन्दन, सिन्दुर, मेंहन्दी व काजल लगाये . श्रंगार की सोलह वस्तुओं से माता को सजाये |सोलह प्रकार के फूल- पत्ते की माला चढ़ाये , फिर मेवे, सुपारी, लौग, मेंहदी, शीशा, कंघी व चूडियां चढ़ाये |माँ मंगला गौरी की कथा सुने । अंत में मंगला गौरी की आरती करे,पुष्पांजलि करे और क्षमा प्रार्थना करते हुए अपनी मनोकामना को पूर्ण करने की माँ से प्रार्थना करे | आरती के पश्चात पूजा मे चढ़ाया सारा प्रसाद घर मे अपने बड़ो को , ब्राह्मणो को बाँट दे । आज मंगलागौरी पांच वर्ष तक मंगला गौरी पूजन करने के बाद पांचवे वर्ष के श्रावण के अंतिम मंगलवार को इस व्रत का उद्यापन करना चाहिए।
